न्यूट्रॉन की खोज

क्योंकि ड्यूटीरियम एवं ट्राइटियम हाइड्रोजन के ही समस्थानिक हैं, इनमें से प्रत्येक के नाभिक में एक प्रोटॉन होना चाहिए। लेकिन हाइड्रोजन, ड्यूटीरियम एवं ट्राइटियम के नाभिकों के द्रव्यमानों में अनुपात है। इसलिए ड्यूटीरियम एवं ट्राइटियम के नाभिकों में प्रोटॉन के अतिरिक्त कुछ उदासीन द्रव्य भी होना चाहिए। इन समस्थानिकों के नाभिकों में विद्यमान उदासीन अनाविष्ट द्रव्य…

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फ्रैंक – हर्ट्ज प्रयोग

किसी परमाणु में विविक्त ऊर्जा स्तरों के अस्तित्व की सीधी पुष्टि सन् 1914 में जेम्स फ्रैंक तथा गुस्ताव हर्ट्ज द्वारा की गई। उन्होंने पारे के वाष्प के स्पेक्ट्रम का अध्ययन, वाष्प से विभिन्न गतिज ऊर्जाओं के इलेक्ट्रॉन गुजार कर किया। इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा परिवर्तित करने के लिए उन पर परिवर्ती तीव्रता के विद्युत क्षेत्र लगाए…

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आकाश तरंग

आकाश तरंगों द्वारा प्रसारण रेडियो तरंगों के प्रसारण का एक अन्य ढंग है | आकाश – तरंग , प्रेषण – ऐटीना से अभिग्राही – ऐटीना तक सरल रेखीय पथ पर गमन करती है | आकाश तरंगों का उपयोग दृष्टिरेखीय रेडियो संचरण [ Line – of sight ( LOS) radio communication ] के साथ उपग्रह संचार…

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Diod क्या है स्पष्ट करें ? प्रकाशीय Diod और प्रकाश उत्सर्जक Diod Light Emmiting Diod (LED) का स्पष्ट करें ?

दो अलग अलग प्रकृति के अर्द्धचालक अर्थात् एक P-Type अर्द्धचालक और दूसरा N-Type अर्द्धचालक को मिलाकर जब एक साथ बनाया जाता है इसी रचना को Diode कहा जाता है | Diode का इलेक्ट्रॉनिक्स Electronics में व्यापक उपयोग होता हैं इसका सबसे महत्त्वपूर्ण उपयोग दृष्टीकारी के उपयोग में होता है जो प्रत्यावर्ती धारा दृष्टी धारा में…

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स्पेक्ट्रमी श्रेणी

हम यह आशा कर सकते हैं कि किसी तत्व विशेष से उत्सर्जित प्रकाश की आवृतियाँ कुछ नियमित पैटर्न दर्शाएँगी| हाइड्रोजन एक सरलतम परमाणु है और इसलिए इसका स्पेक्ट्रम सरलतम होता है| तथापि पहली दृष्टि में हमें प्रेक्षित स्पेक्ट्रम की स्पेक्ट्रमी रेखाओं में किसी क्रम या सममितता का आभास नहीं होता| लेकिन हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम के कुछ…

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Bihar Diwas 2025

एक ऐसा दिन जब हम अपनी धरोहर, संस्कृति और संघर्ष के इतिहास को सलाम करते हैं।क्योंकि बिहार ने देश और दुनिया को अनगिनत रत्न दिए हैं।यह दिन हम सभी के लिए गर्व का प्रतीक है, बिहार, जिसे प्राचीन काल में मगध के नाम से जाना जाता था,न केवल भारत की राजनीति और धर्म का महत्वपूर्ण…

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फ़ोटोडायोड

फ़ोटोडायोड भी एक विशिष्ट प्रयोजन p-n संधि डायोड है जिसमें एक पारदर्शी खिड़की होती है , जिससे प्रकाश – किरणें डायोड पर पड़ सकती हैं | यह पशचदिशिक बायस में प्रचालित होता है | जब फ़ोटोडायोड उर्जा , जो कि अर्धचालक के उर्जा अंतराल से अधिक है , के फोटोनों ( प्रकाश ) द्वारा  प्रदीप्त…

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अपद्रव्यी अर्धचालक(Extrinsic semiconductor)

किसी नैज अर्धचालक की चालकता उसके ताप पर निर्भर करती है , परन्तु कक्ष – ताप पर इसकी चालकता बहुत कम होती है | इसी रूप में , कोई भी महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक युक्ति उन अर्धचालकों द्वारा विकसित नहीं की जा सकती है | अत: इनकी चालकता में सुधार करना आवश्यक होता है | यह उन…

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प्रकाश उत्सर्जक Diode LED :-  

वह Diode जिससे विधुत धारा प्रवाहित करने पर वह प्रकाश उत्सर्जित करने लगता है प्रकाश Diode अर्थात् LED कहलाता है इससे स्पष्ट है कि LED विधुतीय उर्जा को प्रकाशीय उर्जा में रूपांतरित करता है और इसके क्रियाशील होने के लिए बहुत कम परिणाम के विधुत धारा की आवश्यकता होती है इसके इसी गुण के कारण…

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नील्स हेनरिक डेविड बोर (1885-1962)

डेनमार्क के भौतिकविज्ञानी जिन्होंने क्वांटम विचारों के आधार पर हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम की व्याख्या  की | नाभिक के द्रव-बूंद मॉडल के आधार पर उन्होंने नाभिकीय विखंडन का एक सिद्धांत प्रस्तुत किया | बोर ने क्वांटम-यांत्रिकी की संकल्पनात्मक समस्याओ को विषेशकर संपूरकता के सिद्धांत की प्रस्तुत द्वारा स्पष्ट करने में योगदान किया |

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